PREETI × GAJENDRATHE VIDEHA LITERARY ATLAS

समालोचना-अध्याय · G03

मिथिलाक पञ्जी-संरक्षणमे गजेन्द्र ठाकुरक योगदान

Bhairav Lal Das

विस्तृत विवरण

भैरव लाल दास पञ्जीक ऐतिहासिक स्रोत-मूल्यकेँ ओकर सामाजिक प्रशासनसँ जुड़ल श्रेणीकरण आ दुरुपयोगसँ अलग करैत छथि। ओ प्रकाशित अभिलेखक संयुक्त सम्पादकसभकेँ श्रेय दैत आ अविश्वास, घटैत आजीविका आ बिगड़ैत पाण्डुलिपिक कारण कठिन भेल व्यवहारिक संरक्षण-प्रयासक वर्णन करैत छथि। ओ आगाँ संरक्षण-प्रकाशनक आग्रह करैत, संगहि प्रवास आ बदलैत विवाह-प्रथा पञ्जीक पुरान सामाजिक भूमिकाकेँ कोना बदलैत अछि से विचार करैत छथि।

ई पोथीक गजेन्द्र ठाकुर, विदेह आ व्यापक साहित्यिक-डिजिटल परियोजना धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।

स्रोत-संस्करण आ प्रमाण

रिपॉजिटरी स्रोत: SETUSHAM.pdf ↗

मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 139–159 अछि।

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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_SETUSHAM.pdf ↗