समालोचना-अध्याय · G14
मिथिला–मैथिली मंचसभसँ गजेन्द्र ठाकुरक दूरी: कारण आ प्रभाव
Mukesh Anand
विस्तृत विवरण
मुकेश आनन्द सार्वजनिक मंचक मान्यता आ समारोहसँ दूर रहि निरन्तर काज करबाक बीच भेद देखैत छथि, दिल्लीक साहित्यिक वातावरणक अपन अनुभवक आधारपर। ओ विदेहक सीमित संस्थागत दृश्यताक सम्भावित कारण रखैत आ पाठककेँ निमन्त्रण वा पुरस्कारक बदला अध्ययनसँ योगदान नापबाक आग्रह करैत छथि। सहयोगीसभक भूमिका सेहो ओ रेखांकित करैत आ तर्क दैत छथि जे मंचसँ दूरी कखनो ठोस काज लेल समय बचा सकैत अछि।
ई पोथीक गजेन्द्र ठाकुर, विदेह आ व्यापक साहित्यिक-डिजिटल परियोजना धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।
स्रोत-संस्करण आ प्रमाण
रिपॉजिटरी स्रोत: SETUSHAM.pdf ↗
मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 314–325 अछि।
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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_SETUSHAM.pdf ↗