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गजेन्द्र ठाकुर / छह स्रोत-संस्करण

दीवान-ए-विदेह

गजेन्द्र ठाकुर · गजल-संग्रह · 612 PDF पृष्ठ

पोथी आ ओकर विषय

शीर्षक-सामग्रीमे 591 गजल—458 सामान्य आ 133 किशोर गजल—संग 1 कता आ 2 रुबाइ दर्ज अछि। ई संख्या स्रोत-संस्करणक घोषणा अछि। वर्णानुक्रमिक अनुक्रम एहि विस्तृत संग्रहमे शीर्षकक सहारे प्रवेशक दोसर बाट दैत अछि।

पढ़ल एक अंशमे पुल पार करैत गाड़ीक गति, नदी आ भीतरक पीड़ा एक संग अबैत अछि; किनार बदलनाइ जीवनक गति पर विचारक अवसर बनैत अछि। अन्तिम पद्य दाबीक आधार जाँचब, दोसर स्रोत देखब आ दोहरावकेँ सत्य नहि मानबाक आग्रह करैत अछि। सन्देह कारणक संग जुड़ल अछि, अकारण नकारक संग नहि। ई दू नमूना गीतात्मक अनुभव आ सार्वजनिक विवेकक भिन्न स्वर देखबैत अछि।

स्रोत-संस्करण आ पाठक आधार

देल PDF: Diwan-e-Videha_merge.pdf. संगमे देल Word फाइल सेहो देखल गेल: Diwan-e-Videha_Complete_591_Ghazals_1_Kata_2_Rubai_6x9_Hardback.docx.

सन्दर्भ: गजेन्द्र ठाकुर, दीवान-ए-विदेह, विदेह, 2026 कॉपीराइट दर्ज देल संस्करण। एकर अर्थ प्रथम प्रकाशन नहि।

पाठक आधार: शीर्षक, कॉपीराइट, उपलब्ध विषय-सूची तथा बीच आ अन्तक चुनल अंश। Word पाठक जाँचयोग्य स्थान (दस्तावेजक क्रममे गैर-खाली अनुच्छेद, तालिकाक पाठ सहित): 1–18; 4793–4797; 9578–9585. निष्कर्षित अनुच्छेद: 9585.

PDF पहिचान0ad1d26da1bd8f085ee31c2f0771d77ae1ed2afaa053522520da491af87ce929

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