समालोचना-अध्याय · G04
पञ्जी-साहित्यमे गजेन्द्र ठाकुरक योगदान
Binayanand Jha
विस्तृत विवरण
विनयानन्द झा संयुक्त रूपसँ सम्पादित पञ्जी-खण्डक स्वागत करैत छथि, मुदा ओकर वंशावली-पाठकेँ आन अभिलेखसँ मिलाकऽ जाँचैत छथि। मन्दार वंशक तुलनामे नामान्तर, छुटल पीढ़ी आ अनिश्चित पहिचान सामने अबैत अछि; प्रस्तावित मेल अभी अस्थायी रहैत अछि। ओ मूलगाम आ शाखाक बेहतर अनुक्रमणिका तथा राजवंशावलीपर आगाँ शोधक आग्रह करैत छथि। लेख देखबैत अछि जे पाण्डुलिपि उपलब्ध करब आ विश्वसनीय वंश-श्रृंखला स्थापित करब दू अलग शोध-काज अछि।
ई पोथीक गजेन्द्र ठाकुर, विदेह आ व्यापक साहित्यिक-डिजिटल परियोजना धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।
स्रोत-टिप्पणी. शीर्षकमे लेखक ‘Binayanand’ छथि; विषय-सूचीमे ‘Binyanand’। पृ. 170–171 पर सम्पादकीय प्रतिक्रिया अलग प्रकाशन आ श्रेय-विवाद पर अछि; ओ योगदानकर्ताक निष्कर्ष नहि।
स्रोत-संस्करण आ प्रमाण
रिपॉजिटरी स्रोत: PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗
मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 155–171 अछि।
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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗