PREETI × GAJENDRATHE VIDEHA LITERARY ATLAS

समालोचना-अध्याय · G05

पञ्जी प्रबन्ध की अछि?

Jagdish Chandra Thakur ‘Anil’

विस्तृत विवरण

जगदीश चन्द्र ठाकुर ‘अनिल’ पञ्जीक पारिभाषिक शब्द, अभिलेखक प्रकार, पञ्जीकार आ विवाह-दस्तावेज तथा सामाजिक श्रेणीकरणक सम्बन्धक परिचय दैत छथि। पुरान लिपि पढ़बाक कठिनाइ आ पाठक लेल लिप्यन्तरणक उपयोगितापर ओ जोर दैत छथि। महत्वपूर्ण रूपसँ ओ स्वीकार करैत छथि जे बहुत पन्ना एखन पढ़ल नहि गेल अछि; तेँ ई अपूर्ण पठनक बीचक परिचयात्मक प्रतिक्रिया अछि, सम्पूर्ण मूल्यांकन नहि। ऐतिहासिक नियमक वर्णनकेँ वर्तमान अनुमोदनसँ अलग बुझबाक चाही।

ई पोथीक गजेन्द्र ठाकुर, विदेह आ व्यापक साहित्यिक-डिजिटल परियोजना धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।

स्रोत-संस्करण आ प्रमाण

रिपॉजिटरी स्रोत: PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗

मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 172–180 अछि।

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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗