PREETI × GAJENDRATHE VIDEHA LITERARY ATLAS

समालोचना-अध्याय · G09

गजेन्द्र ठाकुर: मिथिलाक धरोहरक संरक्षक

Dr. Shiv Kumar Mishra

विस्तृत विवरण

डा. शिव कुमार मिश्र पाण्डुलिपि-अंकीकरणकेँ संरक्षणक व्यवहारिक कठिनाइ—स्वामिसभक अनिच्छा, सीमित सहयोग आ पुरान लिपि पढ़बाक घटैत क्षमता—क संग रखैत छथि। संरक्षण-प्रयासक हुनक विवरण अभिरक्षकक भरोसा अर्जित करबाक आवश्यकता देखबैत अछि। ओ गजेन्द्र ठाकुरक संरक्षण-काज सराहैत, लिपि-प्रशिक्षण आ दीर्घकालीन विद्वत् ध्यानक आग्रह करैत छथि। केवल डिजिटल छवि बचि गेलासँ पाण्डुलिपिक अर्थ भविष्यक पाठक लेल स्वतः उपलब्ध नहि होइत।

ई पोथीक गजेन्द्र ठाकुर, विदेह आ व्यापक साहित्यिक-डिजिटल परियोजना धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।

स्रोत-संस्करण आ प्रमाण

रिपॉजिटरी स्रोत: PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗

मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 250–259 अछि।

SHA-256: 43b5c3c8dee938679da57974fdb077bf20a3fe14dea76bb78e84bb52b6b51bc6

युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗