समालोचना-अध्याय · G16
मैथिली साहित्यक साधक-उपासक श्री गजेन्द्र ठाकुर
Dr. Yoganand Jha
विस्तृत विवरण
डा. योगानन्द झा साहित्यिक सृजनकेँ संकटग्रस्त शब्दावली, मौखिक आख्यान आ उपेक्षित लेखनक पुनरुद्धारसँ जोड़ैत छथि। हुनक मुख्य उदाहरण भक्त कवि रामजी चौधरीपर गजेन्द्र ठाकुरक काज अछि: प्रकाशन आ व्याख्याद्वारा उपेक्षित रचना-समूह फेर प्रसारमे अबैत अछि। शीत-बसन्त आ पुरान शब्दक चर्चा एहि तर्ककेँ विस्तार दैत अछि। ओ शोध, पुनर्प्रकाशन आ डिजिटल अभिलेखकेँ संरक्षणक परस्पर सम्बद्ध रूप मानैत छथि जे आगाँक शोधार्थीकेँ बाट देखबैत अछि।
ई पोथीक गजेन्द्र ठाकुर, विदेह आ व्यापक साहित्यिक-डिजिटल परियोजना धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।
स्रोत-संस्करण आ प्रमाण
रिपॉजिटरी स्रोत: PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗
मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 315–326 अछि।
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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗