समालोचना-अध्याय · G17
गजेन्द्र ठाकुरक ‘कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक’
Uday Narayan Singh ‘Nachiketa’
विस्तृत विवरण
उदय नारायण सिंह ‘नचिकेता’ सात-खंडीय संग्रहकेँ एकहि लेखकक शोध, कथा, कविता, नाटक आ बाल-साहित्य एकत्र आनबाक प्रयोगक रूपमे पढ़ैत छथि। ओ सांस्कृतिक विस्तार, राजनीतिक टिप्पणी आ कोशकारक तकनीकी व्यक्तित्वसँ अलग सर्जनात्मक स्वर चिन्हित करैत छथि। पोथीकेँ मेटा-पाठ वा आधुनिक महाकाव्यक तरहें पढ़बाक सम्भावना बतबैत, प्रशंसाकेँ पूर्ण निरपेक्ष नहि रखैत छथि—बहुल सामग्रीक भीतर गुणवत्ताक असमानता सेहो देखैत छथि।
ई पोथीक गजेन्द्र ठाकुर, विदेह आ व्यापक साहित्यिक-डिजिटल परियोजना धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।
स्रोत-टिप्पणी. स्रोतमे 9 जून 2009 क विदेह WordPress प्रकाशनक उल्लेख अछि।
स्रोत-संस्करण आ प्रमाण
रिपॉजिटरी स्रोत: PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗
मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 327–331 अछि।
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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗