PREETI × GAJENDRATHE VIDEHA LITERARY ATLAS

समालोचना-अध्याय · G18

गजेन्द्र ठाकुर आ हुनक उपन्यास

Ashok

विस्तृत विवरण

अशोक ‘सहस्रबाधनी’ आ ‘सहस्रशीर्ष’ दू उपन्यासक तुलना करैत छथि। पहिल रचना पीढ़ी-दर-पीढ़ी सरकारी सेवाक भीतर ईमानदारी आ भ्रष्टाचारक प्रश्न जाँचैत अछि; दोसर गामक इतिहास, गीत, जातीय आख्यान आ स्थानीय ज्ञानकेँ व्यापक सामाजिक भूगोलमे समेटैत अछि। हुनका दोसरमे मौखिक इतिहासक लेखाजोखा आ पहिलमे संस्थागत कामकाजक निरीक्षण मूल्यवान लगैत अछि। आरम्भिक डिजिटल गतिविधिक चर्चा कथा-विवेचनक सन्दर्भ बनैत अछि, ओकर स्थान नहि लैत।

ई पोथीक गजेन्द्र ठाकुर, विदेह आ व्यापक साहित्यिक-डिजिटल परियोजना धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।

स्रोत-संस्करण आ प्रमाण

रिपॉजिटरी स्रोत: PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗

मैथिली PDF क पृष्ठ-संख्या एतय अनुमानसँ नहि देल गेल अछि। अध्याय-पहिचान युग्मित अंग्रेजी संस्करणक सत्यापित लेख-अभिलेखसँ मिलाओल अछि; अंग्रेजी संस्करणमे एहि लेखक locator pp. 332–336 अछि।

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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗