समालोचना-अध्याय · P01
प्रीति ठाकुरक ‘गोनू झा आ आन मैथिली चित्रकथा’
Dr. Shefalika Verma
विस्तृत विवरण
डा. शेफालिका वर्मा प्रीति ठाकुरक चित्रकथाक प्रशंसाकेँ साहित्यिक समालोचनामे स्त्रीक उपेक्षाक व्यापक प्रश्नसँ जोड़ैत छथि। ओ स्मृत लोककथाकेँ संक्षिप्त, सुगम दृश्य-रूपमे आनबाक गुणकेँ महत्वपूर्ण मानैत आ कोसीक किंवदन्तीसँ एहि काजकेँ आगाँ बढ़ेबाक सुझाव दैत छथि। लेख मूलतः सराहनापरक प्रतिक्रिया आ भविष्यक कथाकथन लेल प्रस्ताव अछि।
ई पोथीक प्रीति ठाकुर आ हुनक सर्जनात्मक/अभिलेखीय काज धाराक हस्ताक्षरित योगदान अछि। एहि पृष्ठपर योगदानकर्ताक श्रेय, सामान्यीकृत अध्याय-पहिचान, अंग्रेजी संस्करणक पृष्ठ-संकेत आ मैथिली/अंग्रेजी दुनू रिपॉजिटरी संस्करण सुरक्षित अछि, जाहिसँ आलोचनात्मक तर्ककेँ अलग उद्धरण नहि, पोथीक प्रसंगमे पढ़ल जा सकय।
स्रोत-संस्करण आ प्रमाण
रिपॉजिटरी स्रोत: PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗
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युग्मित अंग्रेजी संस्करण: ENGLISH_PREETI_KARAN_SETU_BANHAL.pdf ↗