Decoding the Panji of Mithila · Volume II · Chapter 36

लौकित, चौगोला, श्रेणी, and पत्रांक Records

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Chapter 36. लौकित, चौगोला, श्रेणी, and पत्रांक Records
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A. लौकित and चौगोला summary

   (प्राचीन पञ्जी) लौकित) श्रोत्रिय लोकनिक; चौगोला श्रेणी युक्‍त
   प्रथम         द्वितीय      तृतीय    चतुर्थ      पंचम
   भरथीया        भदाईझा बाभनझा पीताम्‍बरझा दशरथमिश्र
   रघुनीझा       नारायणझा              देवाईझा गंगाधरझारूद्रपतिझा
   वाबूमिश्र     बलभद्रठाकु र          तिसउँ त रामदेवमिश्र           शंकरराय
   गोढ़ाईझा      विश्‍वे श्‍वरमिश्र    जटेशझा दामूझा      शिवमिश्र
   षष्‍ठम        सप्‍तम       अष्‍टम; वीरठाकु र मोतीझा रोहाड़माधवमिश्र; सदाईमिश्र
         भोलनझा नरपति झा
   भीखारीझा      माधवझा हेमाङ् गद राय; सुरगन              रघुनन्‍दन पाठक
   १६०० शाके मे श्रोत्रिय लोकनिजे पौजि सँ सम्‍बन्धित भेलाह।

B. मोदानन्द शाखा and पत्रांक decoding
   प्राचीन पाँजि मोदानन्‍द झा शाखापञ्जी

                        Decoding the Panji of Mithila - Volume II

   मो. न. शाखा प्रथम चौगोला            वि. न. शा.; पत्रांक; ५२//०२ वढ़ियाम          पबौलीसॅ
    रामदेव सुत भरथी झा; ६१//०७          रतौली दरिहरासँ रामनाथ सुत रघुनी झा; १९०//०५
            शि. हरि बसुदेव सुत बाबू मिश्र; ११३//०१ अनल कर. कृ ष्‍णदेव सुतगोदाई झा
   द्वितीय चौगोला; ११०//०५रजौरा माण्‍डरसँ महादेव सुत भदाई झा; १४६//०२ डूमरा
    बूधवालसँ सदानन्‍द सुतनारायण झा; २१८//०१भौर खण्‍डबला सँ रघुरामसुत बलभद्र
    ठाकु र; १२१//०६           मंगरौना हरि. चिकू सुत विश्‍वे वर मिश्र
   तृतीय चौगोला; ११२//०४ महिषी पालीसँ बाटू सुत बाभन झा
   सँ सुत देवाई झा; कु आ तिसउँ तसँ चिन्‍तामणि सुत श्रीकान्त झा; मलि. नरउनसँ भवेश सुत
    यटेश झा
   चतुर्थ चौगोला
   ७०//०६                    कटैया माण्‍डर सँ पीताम्‍बर सुत दामू झा; १२८/०४
            बिठौली वलि. सँ भमरू सुत गंगाधर झा; ९१//०३                  रै याम सोदरपुरसँ हरखू
    सुत रामदेव मिश्र; १११//०४                      महिषी पालीसँ शिवसुत रामू झा
   पंचम चौगोला; ५७/०२                  रूचौलि एकहरा सँ श्रीपतिसुत दशरथ मिश्र; १५९/०२
                     माड़रि बलियाससँ हरपतिसुत रूद्रपतिझा; १६४//०४                        ‘‘
            ‘‘       रघुनन्‍दन सुत शंकर राय; ८२//०५                    जोंकी        सरिसबसँ
    पद्मनाभ सुत शिव मिश्र
   षष्ठम
   ४१६/०४                    भौर खण्‍डबला सँ लक्ष्‍मीकांत सुतवीर ठाकु र;                सँ
    सुत सदाई मिश्र; २१९/०६              महिषी पालीसँ लक्ष्‍मीनारायण सुत भिखारी झा;
    १०१//०५                   लोआम सुरगन सँ प्राणपति सुत समर सिहं ;                      ‘‘
            ‘‘ उत्तिम नारायण राय छोटका सुरगन
   सप्‍तम; १५७/०६                      मंगरौनी पालीसँ पाँ धर्माङ् गद सुत मोतीझा; १४३//०६
                     वहि. पबौली सँ चाण सुत कवि भोलन झा; २४१ क //०२              ”
            गिरधर सुत माधव झा; १४५//०३                       बलियास सं छीतू सुत रघुनन्‍दन
    पाठक
   अष्‍टक; १३५//०५                     रोहाड़ सोदरपुर सँ जानू सुत माधव मिश्र; १६६/०४
            हरड़ी सकराढ़ी सँ पाँ रामभद्र सुत पाँ नरपति झा; २३९/०१               माड़रि
    वलियास सँ नयन सुत हेमाङ् गदराय

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Decoding rule: each पत्रांक record has four parts: number,
place/branch phrase, relationship term such as सुत, and person or
लौकित name. It must be entered into the Number Anchor Table,
Person Occurrence Table,                 Village     Attachment         Table,     and
Branch/Chaugola field.

C. पछबारिपारक लौकित and fifteen श्रेणी
   महाराजाधिराज ५ मान् मिथिलेशक आज्ञानुसार पछबारिपारक लौकिक आ श्रेणिक
    व्यवस्था पञ्जीकार लोकनि जे स्थिर कएलन्हि से प्रकाशित भेल छल आ ईहो प्रार्थना
    छल जे ताहि मध्य जनिका किछु वक्त्तव्य होइन्ह से प्रार्थना पत्र द्वारा श्री ५ मान् मध्य
    निवेदन करथि, ततः निदान विशिष्ट सभा मध्य एकर परामर्श कए पुनः प्रकाशित कएल
    जायत।एतएसँ १ सँ १५ धरि श्रेणी बना देल गेल। ढे र विवाद उठल जे पाइ लए कतैक
    तथाकथित निम्नकु लमे पाँजिक मान्यता देल गेल।
   पछबारिपारक लौकित नाममे कतहु लौकित व्यक्तिक नामपर आ कतैक ठाम गामक
    नामपर लौकितक निर्धारण भेल।
   किछु उदाहरण अछि-
   १. सिंहवाड़-मथुरे श ठाकु र
   २. मनियारी- मधुपति मिश्र
   ३. अमौन-बालकराम पाठक
   ४. भराम- छीतरी
   ५. बसन्तपुर- माधव मिश्र
   ६. कोकडीही- रामेश्वर मिश्र
   ७. नित्यानन्द चौधरी- पिण्डारुछ
   ८. एहु- भैय्यो मिश्र
   ९. खुटौनियाँ - भवानीदत्त झा
   १०. लक्षमीपति मिश्र- धगजरी
   ११. कन्त झा- चानपुरा
   १२. टङ् कवाल महिधर झा-पेकपाड़
   १३. विष्णुदत्तपुरचिकनौट (मुजफ्फरपुर)
   १४. चान पाठक- गजहरा

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   १५. लालठाकु र- धमदाहा
   १६. ज्ञानी ध्यानी- रं गपुरा(पूर्णियाँ )
   महाराजाधिराज श्री (५) मान मिथिलेश रमेश्‍वर सिंहक आज्ञानुसार पछवारिपारक पाँजिक
    श्रेणी न्‍यूनाधिक स्थिर भेल। श्री मोदानन्‍द शाखा एवं नगराम पञ्जीसँ सम्‍बन्धित पत्रांक
    देल अछि। राज प्रेस दड़िभंगा-१९२९
   प्रथम श्रेणी
   सकराढ़ी हरड़ी सँ पाँ रामभद्र सुत पाँ नरपति झा                १६६-४
   रोहाड़ सोदरपुरसँ जानू सुत माधव मिश्र               १३५=५
   कटका सोदरपुरसँ मनहर सुत गोनू मिश्र                 ९५=४
   डूमरा बूधवालसँ शतन्‍जीव सुत भैयन झा                २६२=६
   बधवास सरिसब सँ धरनीधरसुत भंजन झा                   १३१=१
   नरसाम वलियाससँ घनश्‍याम सुत नीलाम्‍बर मिश्र                  ३०३=९
   खांगुड सरिसबसँ लक्षमन सुत नन्‍दन झा                १९८=३
   नगराम साखा खांगुड़ सरिसबसँ विश्राम सुत करिये झा २१=७
   सन्‍दहपूर दिघोसँ भैरव दत्त सुत मथुरे श ठाकु र (सिंहवाड़)               २७०=७
   कटमा बभनियामसँ सथाउन सुत कन्‍त झा                  २३८=५
   द्वितीय श्रेणी; सतौली सतलखासँ हरिसुत पदूम झा                 १७१=५; भखरौली सकराढ़ी सँ
    गादू सुत श्री कान्‍त झा      १६८=४; गौर सोदरपुरसँ बछाई सुत मधुपति मिश्र (मनियारी)
         ३१०=१; कटका सोदरपुरसँ सँ महिनाथ सुत बन्‍धु मिश्र                 १७५=६;          महिषी
    बूधवालसँ परशुराम सुत बालकराम पाठक (अमौन)                     २३८-१; नरसाम बलियास सँ
    धराधर सुत वैया. खुशिहाल मिश्र             १८४-३; सिहौली माण्‍डरसँ पुरन्‍दर सुत वैदिक गोनू झा
         १९९-२; बैगनी अलयसँ देवनानन्‍द सुत परमानन्‍द चौधरी                २२४-२;          महिषी
    बूधवालसँ बाउन सुत कमलनयन पाठक                      ३०१=२; बिठौली वलियाससँ अनन्‍त सुत
    महादेव झा        १७९-४
   तृतीय श्रेणी
   डूमरा बूधवालसँ ब्रह्हमपति सुत घनानन्‍द झा ३०१=५; नर वलि. सँ घनश्‍याम सुत वैदिक
    गणपति मिश्र २०२=८; समौली पालीसँ भवेश सुतजीव कर्ण मिश्र ३३४=४;                          हरड़ी
    सकराढ़ी सँ पाँ गोपाल सुत पाँ धारे झा               ४०३-०१; जमुनी जजिवालसँ शिवनी सुत

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    मुरारि मिश्र    ३०१-६; बलहा बलियाससँ गोविन्‍द सुत देवानन्‍द झा२३३=१;             रूचौली
    एकहरासँ बल्‍ली सुत पनाई मिश्र        २३३-३
   चतुर्थ श्रेणी; ततैल सकराढ़ीसँ कृ ष्‍णाराम सुत छीतरीझा (भराम) २९७=३;                हरिपुर
    पालीसँ रामकृ ष्ण सुत शूलपाणि झा३५०=७; कटउना माण्‍डर सँ रामकृ ष्‍ण सुत माधव
    मिश्र (वसन्‍तपुर)         १९४-२; जमदौली पालीसँ हरिहर सुत जयकृ ष्‍ण ; ज्यो.
    खड़गपाणिझा – सखुआ २९०-४
   (इतिद्विधा–जयकृ ष्‍ण सन्‍तति द्वितीय खड़गपाणि सन्‍तति प्रथम)
   काको बेलउँ च सँ खगेश सुत प्रभाकर चौधरी नगराम           ४९७-२; महिन्द्रपुर पण्‍डु आसँ पाँ
    आनन्‍द सुत पाँ प्र. छोटी झा प्र देवानन्‍द झा   २९७=२; दिगौन्‍ध सौदरपुरसँ हरिजीव सुत
    रामेश्‍वर मिश्र कोकडीह ३०२-५; पचही जजिवालसँ हरदत्त सुत पीताम्‍बर झा (पकड़ी)
         १४६=५; नाहस खौआलसँ बासुदेव सुत मधुसूदन (प्रतिहस्‍त) ३२०=१;                 सतौलि
    सतलखासँ मनहर सुत प्रान्‍नाथ झा (नरहा)          ३४२=५; कड़राइनि बभनियामसँ धनपति
    सुत पाठक महथू             ३४८-३; गौतम गौत्र बूधैरासँ रामदेव सुत हरिके श (पूजारी
    शिलानाथ)        ३२२-२
   पंचम श्रेणी
   बेहट खण्‍डबलासँ मणिकृ ष्‍ण सुत हरिनारायण ठाकु र        १८६=५; बढियाम पबौलिसँ टेङरि
    सुत सुखाई झा              ३०१=२; विस्‍फी तत्रैवसँ दिनमनि सुत तुला ठाकु र ३३९-७;
    परमगढ़ अलयसँ नरोत्तम सुते नित्‍यानन्‍द चौधरी (पिण्‍डारूछ)         ३३८=४;           सकु री
    माण्‍डरसँ जगदीश सुत बटाउँ मिश्र ४०४=२; परहट बहेराढ़ी सँ रघुनाथ सुत महेरभान
    ठाकु र          ४१३=२; यमुनी जजिबालसँ हरिहर सुत भैयो मिश्र (ऐहु)           १७-६;
    संग्राम एकहरासँ भमरसुत खगेश झा                 २४-२;           सकु री         सरिसवसँ
    शूलपाणिसुतभवानी दत्तझा (खूटौनियाँ )            ६२//
   षष्‍ठ श्रैणी
   हड़री सकराढ़ीसँ पाँ योगी सुत पाँ तारापति झा            ब.३२-७; सुखैत सोदरपुरसँ श्री
    कृ ष्‍ण सुत गोइ मिश्र     ४०३=७; वत्‍सवाल नरउनसँ            अनन्‍तसुत वल्‍ली चौधरी
         २१३=१; मलंगिया कु जौली सँ सदानन्‍द सुत मुरली झा              ४३७-६;        रखवारी
    हरिअम्‍ब सँ नयन सुत मदन मिश्र        २३२=४; कोदरियासँ परमानन्‍द सुत नवलक्षाधिपति
    लक्ष्‍मीपति मिश्र (धगजरी)            ४०१//; संग्राम एकहरासँ खगेश सुत विश्‍वनाथ झा
         व..५०/७; धनौजी गंगोलीसँ विश्‍वम्‍भर सुत नीलमिश्र             व.५९=७

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   सप्‍तम श्रेणी; तरौनी करमहासँ घनश्‍याम सुत वदनी झा व.७१-४; हारी पालीसँ गोनू सुत
    हिरदी झा       व.५०=४
   परमगढ़ अलयसँ बाबू प्र. सदानन्‍द सुत विश्‍वे श्‍वर चौधरी ३१९=२; परमगढ़ अलयसँ बाबू प्र
    सदानन्द सुत वंशी चौधरी           ४२१-६
   सकु री माण्‍डरसँ जगदीश सुत हरिनन्‍दन मिश्र (बरौनी)   २९६-४
   रखवारी हरिअमसँ आनन्‍दी सुत छावनि मिश्र जड़सैनि       ४२३-६;          ततैलसकराढ़ीसँ
    कमलापतिसुत सुधाकर झा             ४२२-८
   खांगुड़ सरिसब सँ परानसुत यदुनीझा           ३५७=२; लोहनासकराढ़ीसँ कृ ष्‍णसुत मटरू
    झा २०८=७
   अष्‍टम श्रेणी; अकु सी टंकवाल सँ गंगाधर सुत बोधकृ ष्‍ण झा       ३८८-६; नगराम ततैल
    सकराढ़ी सँ हरिके श सुत वीर झा    ३७६=१; डीह दरिहरासँ मित्रकर सुत मोदी मिश्र
    (मालापूर) उ.प्र. २०५=७; हरिपुर पालीसँ भिखि सुत नरे श झा        व.३५-८;      कनसम
    माण्‍डर सँ नेनू सुत कन्‍त झा     व.४३=५; रोहाड़ सोदरपुरसँ सँ जयि सुत पति मिश्र
         ३२९=८; उड़ा एकहरासँ दशरथ सुत छोटकू झा (भोगलाहा) ४१४=६;                 कनसम
    माण्‍डरसँ मोहनसुत गतिराम झा व. ५६-६; जगतपुर ओइनि सँ राजा राम चन्‍द्रसुत राजा
    प्रताप नारायण राय झा व.          १३=५
   नवम श्रेणी; रजौरा माण्‍डरसँ गिरीश सुत रतिकर झा       ९-०४=०१; छामूसकराढ़ी सँ बन्‍धु
    सुत वेदी झा (झंझारपुर) व-७२-७; परहर सकराढ़ी सँ भोरा सुत जयकृ ष्‍णझा (खडगपुर)
         व-४६-६; काको बेलउँ चसँ कालासुत कौस्‍कीस्त झा              व-७९-२;       अंकु सी
    टंकबाल सँ जयकृ ष्‍ण सुत महिधर झा           व-६०=३; भखरौली सकराढ़ीसँ महिपाणि
    सुत गुणी झा व-८१-४; रतिपाड़ बेलउँ च सँ के शव सुत मांगु झा (महेशपुर) ३३१=५;
    सतलखा बेलउँ चसँ हरिशंकरसुत पुरूषोत्तम झा (हालो) ; सुत महिधर झा           ४१९=
   काको वेलउँ च सँ पुरूषोत्तम सुत नारो झा     ९-४१-६
   हरिपुर पालीसँ सुखड़ि सुत बेचू झा ९-६६-३
   दशम श्रेणी
   छामू सकराढ़ीसँ नित्‍यानन्‍द सुत दामोदर झा (कन्‍हौली) २५८=१; शक्तिरायपुर नरउनसँ
    भैरवदत्तसुत मचली मिश्र (रहिका) ४२८=६; नगराम जगति पबौली सँ बलदेव सुत मातू
    झारविष्णुदत्तपुर         ५१=६; सँ सुत धराधर चौधरी; जमुनी जजिवालसँ हिरासुत चीरा
    मिश्र-नगराम ७६=६; जगतपुर उइनिसँ किर्ति नारायण सुत रूद्रनारायणा           १६२=८;

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    सकु रीपालीसँ भवानन्‍द सुत प्रद्यूम्‍न झा (मड़गाम-पाली) ९-०७-०३;           सकु रीपालीसँ
    भवानन्‍द सुत भूवन झा व.३६=१; कु जौलीसँ नित्‍यानन्‍द झा; आहिलखौआल सँ दयाराम
    सुत कौस्‍कीदत्त गोढम (नेपाल) नगराम            ३२४-४; सुत चक्रपाणि चौधरी; आहिल
    खौआलसँ मोहनसुत महादेव झा (कथित विन्धी) नेपाल व.२९-३
   एकादश: श्रेणी; नगरामजगतपुर उइनिसँ ऐ निपाल नारायण सुत रशीक नारायण
         ३१३=२
   वारी माण्‍डर सँ रामेश्‍वर सुत भूषण झा         ४४२-१०; ओझोलि नरउनसँ ह्रदयराम सुत
    मणिझा (सागरपुर)            ४३१=५; सरावय सकराढ़ी सँ वैद्यनाथ सुत चाण पाठक व.
         ८५=८; बहेड़ा बेलउँ च सँ देवीदाश सुत विरसिंह राय बहेड़ी     ६१-५; ओड़ा एकहरा
    सँ कामदेव सुत पुरन्‍दर झा खजूरी ३०५-४; सकु री वलिया सँ नरपति सुत गोविन्‍द झा
    खजूरी तरौनी ४१४=५; पुरोही पालीसँ लक्ष्‍मीनाथ सुत गतिराम झा हरिनगर ४१७=८;
    द्योरी खण्‍डबलासँ महिनाथ सुत लाल ठाकु र धमदाहा; वसुवाड़ी वलियाससँ सुतअन्‍दी मिश्र
   सारा मोहनपुर सुत गुणानन्द झा       व-१०५; मलिछाम वहेराढ़ी सँ यवदू सुत चोटाई ठाकु र-
    भच्‍छी           व.७=०५
   छामू सकराढ़ीसँ दामोदर सुत जगन्‍नाथ झा मोहना            ३७८-४;     मुराजपुर    खौआलसँ
    सुन्‍दर सुज्‍यो. भूवन झा मुंगारी   व-३६-७
   नरसाम वलियास सँ बाला सुत कल्‍याण मिश्र सप्ता           ४१७=२;          खडकाएकहरासँ
    घनश्‍यामसुत गोकु ल नाथ झा बेला ३०७=४
   द्वादश: श्रेणी
   अलय अलयसँ कमल सुत नकट झा                      ४२४-६; सॅ सुत यशी भूवनझा; रखवारी
    हरिअमसँ भगीरथ सुत निधि मिश्र ३९९=६; सुत हरदत्त ठाकु र; ज. म. पालीसँ ज्‍यो.
    विष्‍णु पति सुत ज्‍यो. लाल बिहारी झा          व.३९-७; रोहाड़      सोदरपुरसँ    लालासुत
    भैयाराम चौधरी भवानीपुर             ४०८=३; गौर सोदरपुरसँ सागरसुत पशुपति मिश्र
    कछु वा           ३२४-७
   गंगोली जालयसँ घमंडी सुत नेहाल चौधरी सुत उँ माई मिश्र (दशरथ)                  ३५४-७
   अलय-२ सँ रतिपति सुत आभीझा दामोदरपुर व.८६-५
   मलंगिया कटाई सँ प्रद्यूम्‍न सुत कमलापति झा फें टकटाई            व.०६-०६
   कन्‍हौली बेलउँ च सँ सागर सुत अरिविन्‍द झा     व-१०४=३

                         Decoding the Panji of Mithila - Volume II

   उचतिसँ       सुत प्रभुनाथ झा         व-४१-२; नगराम काको बेलउँ चसँ अन्ही सुत गोशाँइ
    प्रितम            ४९३-२; धरौरा वलियाससँ वेणी पति सुत मदन सिंह; लदौरक वलियास
         व-६२-३
   त्रयोदश: श्रेणी
   ओझोलि नरउनसँ भवेश सुत घनश्‍याम झा; पण्‍डोलीक नरउन
                      व.४९-६; सुत रं कझा; कोलहट्टा पाली गौर सोदरपुरसँ धानासुतडीहा मिश्र
    जाँता                                          व-६७-७; नागदह; मन्‍नूराम झा; सवास
    कु समालसँ         सुत रघुपति झा      मउआहा नेपाल; काको बेलउँ च सँ अन्‍दी सुत धाना
    गरबन                                                     ४९९=
   पालीसँ सुत रमानाथ
   चतुर्दश श्रेणी
   कु समाल सँ सुत घासीराम चौधरी; फनन्‍दहसँ वदन सुत अन्‍दीझा
                      व.१२=२; समौली पालीसँ बवनू देवान नगराम
                      १७८-६; सनहा, धारू ठाकु र; रखवारी हरिअम्‍वसँ अपूछ सुत कृ ष्‍णदत्त मिश्र
                                         ४०-८; जनाढ़; ज्ञानी-ध्‍यानी
   पति ठाकु र
   पंचदश श्रेणी १५; नगर दिघो सँ मणि सुत चतुर ठाकु र करमौली ३१०=८
   वलियाससँ सुत नीलाम्‍बर; नीलाम्‍बर चौधरी; कारू ठाकु र, सबौर, हरदत्तझा; लौकिक
    संख्‍या-१५३
   श्रेणी-१५
   उपस्थित पन्‍जीकारक हस्‍ताक्षर

Decoding rule: the 1-15 श्रेणी block is not a mere appendix. It is a
ranked social-register block. Each row must preserve the place
phrase, the सुत relation, the named person, any parenthetical
village or modern place note, and the number form such as १३५=५
or व.७१-४.

                          Decoding the Panji of Mithila - Volume II

Source structure and verification apparatus

Editorial source apparatus. This apparatus is descriptive, not interpretive. It records the source-controlled structure used to verify that this page corresponds to formal Chapter 36 of Decoding the Panji of Mithila — Volume II. The chapter text above is preserved from PDF pp. 481-489; formal Chapter 36 in the commit-pinned authoritative source. It is not merged with a neighboring chapter, appendix, annexure, or independent front/back-matter unit. The internal headings below come from the repository’s source-heading inventory and are retained as navigational and audit evidence; showing them here does not turn those headings into separate publications or add claims that are absent from the source.

Internal source headings

  1. A. लौकित and चौगोला summary
  2. B. मोदानन्द शाखा and पत्रांक decoding
  3. C. पछबारिपारक लौकित and fifteen श्रेणी

Source-text concordance

Records · index · moves · must · linked · person · title · village · number · table · show · rank · order · names · based · persons · villages · summary · दशरथम · बलभद · नरपत · १६०० · decoding · ०५रज · नरउनस · एकहर · दशरथ · हरपत · rule · record · four · parts · place · branch · phrase · relationship · term · name · entered · Anchor · Occurrence · Attachment · Chaugola · field · fifteen · कएलन · एतएस · ड़-मथ · धगजर · गजहर · १९२९ · १६६-४ · मनहर · सतलख · २३८-१ · १८४-३ · १९९-२ · अलयस · २२४-२ · कमलनयन · १७९-४ · हमपत · गणपत · ४०३-०१ · ३०१-६ · २३३-३ · कटउन · १९४-२ · २९०-४ · ४९७-२ · ३०२-५ · हरदत · धनपत · ३४८-३ · ३२२-२ · ३३९-७ · परमगढ · परहट · १७-६ · भमरस

Boundary verification. In the formal sequence this chapter follows Volume II Chapter 35, “गोत्र, मूल, मूलग्राम: Index-Wise Decoding” and precedes Volume II Chapter 37, “विद्वान, गुरु-शिष्य, गोत्र-प्रवर, and बीजी पुरुष Records A. Abbreviation block from the Khand 1 index  सँ - मूलक परिचायक”. The chapter extractor begins at the verified formal Chapter 36 marker and stops at the next verified formal chapter marker; for a final chapter it stops before recognized book-level back matter. The concordance above is generated only from distinct terms already present in this chapter’s preserved source text. It is provided for discovery, comparison, and audit, not as an automated judgment about persons, lineages, status, kinship, marriage eligibility, or historical truth.

Illustrated research apparatus

Mithila · Vajji · Anga

Decoding the Panji publication artwork
Figure 1 · Asset Art 1. Decoding the Panji publication artwork retained as series-level visual context.
Synthetic illustrated Panji folio reconstruction PANJI · SYNTHETIC Synthetic genealogical network for editorial explanation AnchorBranch ABranch BA1A2B1B2
Figure 4 · Synthetic reconstruction plate. Left: a synthetic Panji folio. Right: a synthetic genealogical network used only to explain record relationships. Synthetic illustrated reconstruction for editorial use. This is not a photograph or facsimile of a historical manuscript. Human review required. This prototype encodes relationships and tags; it does not decide marriage eligibility or kinship status.

Chapter-specific source notes

  1. Primary chapter witness. Gajendra Thakur, Decoding the Panji of Mithila — Volume II, formal Chapter 36, PDF pp. 481-489; formal Chapter 36. The HTML transcription is generated from the commit-pinned source PDF and retains the chapter boundary recorded in this edition.
  2. Internal structure. The repository source-heading inventory records 3 subordinate headings for this chapter: “A. लौकित and चौगोला summary”; “B. मोदानन्द शाखा and पत्रांक decoding”; “C. पछबारिपारक लौकित and fifteen श्रेणी”.
  3. Digital editorial method. The page keeps the preserved source text distinct from generated navigational, concordance, visual, and provenance apparatus. The synthetic reconstruction is explanatory only and is not evidence for an individual lineage or a determination of social or marital status.